भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर तहसीलदार से मारपीट का आरोप, गिरफ्तारी देने पहुंचे IG दफ्तर; राजस्व कर्मी हड़ताल पर
अंबिकापुर/सीतापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ नायब तहसीलदार से मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप में गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामला दर्ज होने और राजस्व अधिकारियों के भारी विरोध के बीच, विधायक टोप्पो अपने तीन समर्थकों के साथ सरगुजा रेंज के आईजी (IG) दीपक कुमार झा के समक्ष अपनी गिरफ्तारी देने अंबिकापुर रवाना हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी काम से नायब तहसीलदार कार्यालय गई थीं। वहां किसी बात को लेकर उनकी नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी से बहस हो गई। आरोप है कि बहस इतनी बढ़ गई कि अधिकारी ने कथित तौर पर फाइल फेंक दी और ‘तू-तड़ाक’ करते हुए महिला को कार्यालय से बाहर जाने को कह दिया।
बहन के साथ हुए इस व्यवहार की जानकारी मिलने पर विधायक और उनके समर्थक वहां पहुंचे, जिसके बाद तहसीलदार और समर्थकों के बीच तीखी बहस और कथित तौर पर हाथापाई हो गई। घटना के बाद दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
राजस्व संघ की ‘कलम बंद’ हड़ताल, गिरफ्तारी पर अड़े अधिकारी
नायब तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने विधायक सहित 10 से 12 लोगों के खिलाफ गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। इस घटना के विरोध में राजस्व निरीक्षक संघ (RI Association) और अधिकारी-कर्मचारी संघ पूरी तरह से लामबंद हो गए हैं। अधिकारियों ने ‘कलम बंद’ कर सामूहिक हड़ताल शुरू कर दी है और चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
विधायक ने कहा- “प्रदेश में सुशासन, मैं खुद दूंगा गिरफ्तारी”
इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने मारपीट के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा:
“मेरी बहन के साथ तहसीलदार द्वारा दुर्व्यवहार किया गया था, लेकिन हमने कोई मारपीट नहीं की है। राजस्व कर्मियों को हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं है, मैं खुद अपनी गिरफ्तारी देने जा रहा हूं।”
विधायक ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश में सुशासन की सरकार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में ऐसा नहीं होता था, लेकिन आज सुशासन की सरकार है जहां मेरे (सत्तापक्ष के विधायक) खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने समर्थकों से किसी भी तरह का पैनिक न क्रिएट करने और भीड़ न जुटाने की अपील की है।
फिलहाल, विधायक के आईजी दफ्तर पहुंचने और आत्मसमर्पण करने की प्रक्रिया को लेकर अंबिकापुर में हलचल तेज है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।










