बलरामपुर: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित तुगवा बैरियर पर तैनात जवानों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास करने और बैरियर तोड़कर अवैध शराब से भरी बोलेरो लेकर भागने वाले दो शातिर आरोपियों को बलरामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करीब डेढ़ महीने (45 दिन) तक पुलिस को छकाने वाले इन आरोपियों को साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने झारखंड से धर दबोचा।
22 अप्रैल को बैरियर पर मचाया था गदर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह दुस्साहसिक घटना 22 अप्रैल 2026 की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश के बैढ़न से रघुनाथनगर की ओर एक बोलेरो (क्रमांक: CG 15 A 6984) में अवैध शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है।
- जवानों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश: जब तुगवा बैरियर पर तैनात जवानों ने बोलेरो को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने रफ्तार कम करने के बजाय सीधे बैरियर को टक्कर मार दी।
- आरोपी ने वहाँ मुस्तैद जवानों को कुचलने का प्रयास किया और तेज रफ्तार में गाड़ी भगा ले गया।
दबाव बढ़ा तो गाड़ी छोड़कर भागे
घटना की सूचना मिलते ही रघुनाथनगर थाना और बलंगी चौकी पुलिस ने चारों तरफ नाकेबंदी कर दी। पुलिस का भारी दबाव बढ़ता देख आरोपियों ने रघुनाथनगर थाना क्षेत्र में एक बंद पड़े पेट्रोल पंप के पास कच्चे रास्ते पर बोलेरो खड़ी कर दी और अंधेरे का फायदा उठाकर जंगलों की तरफ भाग निकले। पुलिस ने जब लावारिस बोलेरो की तलाशी ली, तो उसमें से 94 हजार रुपये की अवैध शराब बरामद हुई थी।
साइबर सेल की मदद से झारखंड में मिली लोकेशन
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक (SP) वैभव बैंकर के निर्देशन में गठित विशेष टीम और साइबर सेल ने आरोपियों की तलाश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों (Cyber Tracking) से पता चला कि मुख्य आरोपी देवनंदन उर्फ रघुनंदन कुशवाहा घटना के बाद से ही छत्तीसगढ़ छोड़कर झारखंड के गढ़वा जिले में अपने ससुराल (डंडई क्षेत्र) में छिपा हुआ है। पुलिस ने तत्काल टीम भेजकर उसे हिरासत में ले लिया।
शराब भट्टी का मैनेजर भी गिरफ्तार, ऐसे होता था लेनदेन
मुख्य आरोपी देवनंदन ने पूछताछ में पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए:
- कहाँ से खरीदी शराब: उसने बताया कि यह शराब उसने मध्य प्रदेश के बैढ़न स्थित ‘कचनी शराब भट्टी’ से खरीदी थी।
- किसे करनी थी डिलीवरी: इस खेप को सूरजपुर जिले के रेवटी क्षेत्र में रवि गुप्ता नामक व्यक्ति के पास पहुंचाया जाना था।
- ऑनलाइन पेमेंट का खेल: शराब के लिए ₹94,000 का भुगतान कचनी शराब दुकान के मैनेजर मृत्युंजय जायसवाल को एक परिचित के खाते के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर करके किया गया था।
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे आरोपी मृत्युंजय जायसवाल (29 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया, जो साहिबगंज (झारखंड) का रहने वाला है और बैढ़न की शराब भट्टी में बतौर मैनेजर काम कर रहा था।










