दुर्गकोंदल/रायपुर: छत्तीसगढ़ के दुर्गकोंदल थाना क्षेत्र से झपटमारी (Snatching) का एक बेहद ही अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सोशल मीडिया के लिए रील्स और कंटेंट बनाने वाले यूट्यूबर्स (YouTubers) के एक ग्रुप ने एक महिला को अपनी लूट का शिकार बना डाला। आरोपियों ने महिला के गले में चमकता हुआ हार देखकर उसे असली सोना समझा और वारदात को अंजाम दे दिया। हालांकि, बाद में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस और खुद चोरों को भी चौंका दिया।
₹500 के नकली हार के चक्कर में पहुंचे सलाखों के पीछे
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी जिसे करोड़ों या लाखों का असली सोना समझकर लूट कर भागे थे, वह महज 500 रुपये का आर्टिफिशियल (नकली) आभूषण था। महिला की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए भानुप्रतापपुर और दुर्गकोंदल पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी आशीष भट्टाचार्य को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त कर लिया है।
रील शूटिंग के बहाने निकले और बन गए अपराधी
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना 3 जून 2026 की है। रायपुर के रहने वाले यूट्यूबर्स का एक ग्रुप जिसमें शामिल थे:
- सूर्य गुप्ता
- माही बंजारे
- आशीष भट्टाचार्य
- कैमरामैन पवन
ये सभी एक किराए की सफेद रंग की डिजायर कार लेकर पंखाजूर की ओर रील शूटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए निकले थे। रास्ते में भीषण गर्मी और अचानक पैसों की तंगी (आर्थिक संकट) को लेकर इनके बीच चर्चा हुई, जिसके बाद इन्होंने आगे का सफर रद्द कर दिया और वापस लौटने का फैसला किया।
चमकता हार देख बदली नीयत
वापसी के दौरान दुर्गकोंदल क्षेत्र के विक्रमगंज गांव के पास इस ग्रुप की नजर खेत से काम कर लौट रही एक महिला कुमारी बाई साहू पर पड़ी। महिला के गले में एक चमचमाता हुआ हार था। इस हार को देखकर यूट्यूबर्स की नीयत डोल गई और उन्होंने इसे असली सोना समझ लिया।
योजना के मुताबिक, कार में से एक युवक नीचे उतरा, उसने महिला से सामान्य बातचीत का नाटक किया और मौका पाते ही गले से हार झपटकर कार में बैठकर रफूचक्कर हो गया।
सीसीटीवी और मोबाइल टावर डंप से खुला राज
वारदात के बाद सहमी पीड़ित महिला कुमारी बाई साहू ने तुरंत दुर्गकोंदल थाने में मामला दर्ज कराया। महिला कार का नंबर तो नहीं देख पाई थी, लेकिन उसने हुलिया ‘सफेद डिजायर कार’ का बताया था।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए:
- आस-पास के सभी रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले।
- संदिग्ध कार की पहचान होने के बाद उस रूट का मोबाइल टावर डंप डेटा और लोकेशन एनालिसिस किया।
- तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रायपुर स्थित एक फ्लैट की घेराबंदी कर आरोपी आशीष भट्टाचार्य को धर दबोचा।










