पाटन/दुर्ग। दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बेलौदी में पिछले दो दिनों से उल्टी-दस्त (डायरिया) ने पैर पसार लिए हैं। संक्रमण इतना तेजी से फैला है कि गांव के 50 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में ही मोर्चा संभाल लिया है और घर-घर जाकर सर्वे व उपचार किया जा रहा है।
अस्पतालों में भर्ती हुए मरीज, गांव में लगा शिविर
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 51 प्रभावितों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 12 मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में भर्ती किया गया है। 4 मरीजों का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाड़ाडीह में चल रहा है। 3 मरीज सेलूद और 2 मरीज रायपुर के निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल सामान्य और खतरे से बाहर बताई जा रही है। गांव में ही शिविर लगाकर अन्य प्रभावितों को दवाइयां वितरित की जा रही हैं।
बीमारी की वजह सस्पेंस: गोलगप्पा या बांध की मछली?
बीमारी फैलने के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन ग्रामीणों के बीच दो मुख्य आशंकाएं जताई जा रही हैं:
- बाजार का खान-पान: रविवार को गांव में साप्ताहिक बाजार लगा था। कई मरीजों ने बताया कि उन्होंने वहां एक ठेले पर गोलगप्पे खाए थे, जिसके बाद तबीयत बिगड़नी शुरू हुई।
- बेलौदी बांध की मछली: चर्चा यह भी है कि पिछले तीन दिनों से बेलौदी बांध से बड़ी मात्रा में मछलियां निकाली गई थीं। कई ग्रामीणों ने इन मछलियों का सेवन किया था, जिसे संक्रमण की वजह माना जा रहा है।
सैंपल जांच के लिए भेजे गए, रिपोर्ट का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के सटीक कारण का पता लगाने के लिए गांव के पानी के स्रोतों और मरीजों के मल (Stool) के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की असली वजह का खुलासा हो पाएगा।
सावधानी बरतने की अपील
गांव में तैनात मेडिकल टीम ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने और पानी उबालकर पीने की सलाह दे रही है। साथ ही, बासी भोजन और खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्रियों से बचने की हिदायत दी गई है।









