सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में अपहरण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां घर में अकेली महिला को उसके ही पूर्व ड्राइवर ने साथियों के साथ मिलकर अगवा कर लिया और 22 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र की रहने वाली 58 वर्षीय महिला, जो एसईसीएल के रिटायर्ड कर्मचारी की पत्नी हैं, घर में अकेली थीं। इसी दौरान उनके यहां पहले 18 महीनों तक ड्राइवर का काम कर चुका रौशन देवांगन अपने साथियों शेख इशु और एक अन्य के साथ घर पहुंचा। आरोपी को पहले से ही परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी थी और रिटायरमेंट की रकम मिलने की बात भी पता थी।
पैसों के लालच में आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। बातचीत के बहाने घर में घुसे आरोपियों ने महिला से पानी मांगा और मौका मिलते ही उसकी आंख और मुंह टेप से बांध दिया, हाथ-पैर रस्सी से बांधकर मोटरसाइकिल में बैठाकर डुमरिया गांव स्थित एक टायर पंचर दुकान में ले गए।
इसके बाद आरोपियों ने महिला का मोबाइल लेकर रुनियाडिह गांव पहुंचकर उसके पति को फोन किया और 22 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही महिला के पति ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस की सक्रियता और लगातार पेट्रोलिंग से घबराकर आरोपी महिला को बायपास रोड पर घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। इस दौरान उन्होंने सबूत मिटाने के लिए इस्तेमाल किए गए कंबल, टेप और रस्सी को भी जला दिया।
महिला किसी तरह पास के घर पहुंची और फोन कर परिजनों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अस्पताल में भर्ती कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है, वहीं पुलिस फरार आरोपी को जल्द पकड़ने का दावा कर रही है।










