रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री से पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने मुलाकत की। पूर्व मंत्री से मिलने के बाद उपाध्याय ने उनकी आँखों के ईलाज और पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर डीजीपी से मुलाकात की। उन्होंने जेल प्रबंधन पर उनके ईलाज में देरी का भी आरोप लगाया।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि पूर्व मंत्री एवं छह बार के विधायक कवासी लखमा को आंखों में बहुत दिनों से दिक्कतें आ रही है। उन्होंने जेल प्रशासन के अस्पताल में डॉक्टर को भी दिखाया, लेकिन जेल प्रशासन के डॉक्टरों द्वारा कहा गया कि आंखों में जो प्रॉब्लम है उसका उपचार यहां संभव नहीं है इसके इलाज हेतु उन्हें बाहर जाना पड़ेगा। लेकिन बाहर जाने हेतु जेल प्रशासन उन्हें पुलिस बल उपलब्ध नहीं करा रहा है। आज इसी मांग को लेकर पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा के साथ हमने डीजीपी अरुण गौतम से मुलाकात की और वरिष्ठ आदिवासी नेता का कवासी लखमा को ईलाज हेतु पुलिस बल उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र दिया।
उपाध्याय ने कहा कि चार दिन पूर्व जेल में वह स्वयं कवासी लखमा जी से मिलने पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं सांसद राजा बरार के साथ मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी आंखों की समस्याओं के बारे में उन्हें अवगत कराया था और कहां था कि जल्द से जल्द इसके इलाज करने की आवश्यकता है। अगर समय पर इलाज नहीं हुआ तो बीमारी बड़ा रूप ले लेगी। लेकिन शासन प्रशासन एक आदिवासी नेता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और ऐसा लगता है कि जानबूझकर उन्हें पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। वह वर्तमान में अभी विधायक भी है, उसके बाद भी उनके साथ ऐसा सौतेला व्यवहार भाजपा सरकार के इशारे में किया जा रहा है। अगर जल्द से जल्द कवासी लखमा जी को इलाज हेतु पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया गया तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरेगी ।









