रायपुर – जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल को बड़ी कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में दर्ज मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है।
6 राज्यों के मामलों में एक साथ राहत
जानकारी के मुताबिक, अमित बघेल के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 14 एफआईआर दर्ज हैं। इसके बावजूद हाईकोर्ट ने छह राज्यों में दर्ज मामलों में एक साथ जमानत मंजूर कर बड़ी राहत दी है।
महतारी अस्मिता रैली से जुड़ा मामला
गौरतलब है कि रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में अमित बघेल ने आंदोलन शुरू किया था। छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान को लेकर 5 दिसंबर 2025 को “महतारी अस्मिता रैली” भी निकाली गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
निजी दुख के बीच किया था समर्पण
उसी दिन एक भावुक घटना भी सामने आई थी, जब उनकी माताजी सरस्वती बघेल का निधन हो गया था। इसके बावजूद अमित बघेल ने कानून का सम्मान करते हुए पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले को JCP के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है और समर्थकों में खुशी का माहौल है।
👉 आने वाले समय में इस मामले के राजनीतिक असर पर सबकी नजर बनी हुई है।










