रायपुर। छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में मंगलवार, 24 मार्च का दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। बस्तर में सक्रिय आखिरी बड़े नक्सली कैडर Papa Rao आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। जगदलपुर में सुरक्षा बलों के समक्ष पापा राव का यह कदम राज्य में नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पापा राव का बयान
पापा राव ने अपने बयान में कहा कि बड़े नक्सली नेताओं के साथ-साथ Devji ने भी आत्मसमर्पण किया। पहले सभी ने मिलकर जनता के हक के लिए संघर्ष जारी रखने की बात की थी, लेकिन बदलती परिस्थितियों के कारण कई साथियों ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना।
उन्होंने यह भी कहा कि वे हमेशा जनता के हित में लड़ते रहे और उनके इलाके में लगातार सुरक्षा बलों के कैंप खुलने के कारण संगठन की गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया।
चुनावी राजनीति से दूरी
पापा राव ने स्पष्ट किया कि वे चुनावी राजनीति से दूर रहेंगे और अब हथियार छोड़कर लोकतांत्रिक तरीके से जनता के लिए काम करना चाहते हैं। वहीं देवजी की मंशा चुनावी राजनीति में सक्रिय रहने की थी।










