रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और कार्रवाई को लेकर पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर से पुलिस ने एक और बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया है। आरोपी की पहचान जमाल करीम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जमाल लंबे समय से रायपुर में रहकर कबाड़ का काम कर रहा था।
पुलिस की कार्रवाई से बचकर हुआ था फरार
विदेशी नागरिकों की जांच और अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की धरपकड़ के दौरान जमाल करीम समेत दो लोग पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने दोनों की तलाश कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर खुद के बांग्लादेशी नागरिक होने की बात स्वीकार की।
पुलिस जांच के मुताबिक, दोनों ने कथित रूप से फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाई थी। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड, पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि दोनों ने इन दस्तावेजों के आधार पर कई बार भारत और बांग्लादेश के बीच आवाजाही की।
20 साल से अधिक समय से रायपुर में रहने का दावा
जांच में सामने आया है कि जमाल करीम और शेख रेहान लंबे समय से रायपुर में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, दोनों का अब तक कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
जमाल करीम दक्षिण-पश्चिम बांग्लादेश के जेस्सोर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। वह रायपुर में कबाड़ का कारोबार करता था। वहीं, शेख रेहान का संबंध बांग्लादेश के रंगपुर डिवीजन के पार्बतीपुर इलाके से बताया गया है। वह रायपुर में ऑटो मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा था।
पिता के दस्तावेजों के आधार पर बनवाए भारतीय कागजात
पुलिस के मुताबिक, शेख रेहान ने कथित तौर पर अपने पिता से जुड़े भारतीय पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाया था। बताया गया है कि वह अपने माता-पिता के साथ भारत आया था।
पिछले साल बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान उसके माता-पिता पुलिस की कार्रवाई से बचकर बांग्लादेश लौट गए, लेकिन रेहान रायपुर में ही रुक गया। इसके बाद उसने अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलकर रहने की कोशिश की। पुलिस को उसके बांग्लादेश जाने की जानकारी भी मिली है।
तीनों जोन के एडीसीपी को सौंपी गई जिम्मेदारी
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने राजधानी में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके दस्तावेजों की वैधता की जांच के लिए तीनों जोन के एडीसीपी को जिम्मेदारी सौंपी है। नॉर्थ, वेस्ट और सेंट्रल जोन के एडीसीपी अपने-अपने क्षेत्रों में विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाकर उनके दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।
वहीं, रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान, उन्हें हिरासत में लेने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत डिपोर्ट कराने की जिम्मेदारी एएसपी को दी गई है।
बीजापुर पुलिस भी पहुंची रायपुर
इधर, बीजापुर पुलिस ने भी एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है। आरोपी से जुड़े लोगों और उसके संपर्क में रहने वाले अन्य व्यक्तियों की जानकारी जुटाने के लिए बीजापुर पुलिस की टीम रायपुर पहुंची है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसे भारत में रहने के लिए किस तरह की मदद मिली।
फिलहाल पुलिस पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। जमाल करीम को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बांग्लादेश डिपोर्ट करने की तैयारी की जा रही है।










