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CG NEWS: ASI के बेटे सहित तीन बच्चों की मौत, हनुमानधारा में डूबने से गई जान, पूरे इलाके में मातम

तीन स्कूली बच्चों की मौत से हंगामा मच गया। स्कूल के बाद तीनों बच्चे घूमने के लिए निकले थे, इसी दौरान तीनों पानी में उतर गये, जिसमें डूबने से तीनों की जान चली गयी। मामला जांजगीर जिले के चरौदा क्षेत्र में स्थित लोकप्रिय पिकनिक स्थल हनुमानधारा की है। दरअसल गुरुवार को तीन बच्चे अचानक लापता हो गये थे, सर्चिंग के बाद अब तीनों के शव मिले हैं। मनका पब्लिक स्कूल के छात्र तीनों बच्चे सुबह घर से घूमने निकले थे, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने आसपास खोजबीन की, और जब कोई पता नहीं चला तो वे हनुमानधारा पहुंचे। वहां नदी किनारे बच्चों के कपड़े, चप्पल और साइकिल बरामद हुई, जिससे नदी में डूबने की गहरी आशंका पैदा हो गई है।

परिवार वालों ने तुरंत चांपा पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। नदी किनारे मिले सामान के आधार पर पुलिस ने प्रारंभिक रूप से बच्चों के नदी में उतरने की संभावना व्यक्त की है।स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चे अक्सर गर्मी और अवकाश के दौरान हनुमानधारा पिकनिक स्पॉट में खेलते–कूदते दिखाई देते हैं। इसी दौरान तीनों पानी में उतर गये। जहां गहराई में जाने से तीनों की मौत हो गयी।

सूचना मिलते ही चांपा पुलिस स्थानीय गोताखोर,नगर सेना के जवानऔर बाद में जिला सेनानी की टीम मौके पर पहुंचकर हसदेव नदी में बच्चों की तलाश में जुट गईं। रात देर तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलता रहा, लेकिन तीनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया।चांपा एसडीओपी यदुमणि सिदार ने बताया कि लापता बच्चों के नाम रूद्र कुमार (11 वर्ष), युवराज (14 वर्ष) और नेल्सन (15 वर्ष) हैं। तीनों एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं और मनका पब्लिक स्कूल में क्रमशः 5वीं, 8वीं और 9वीं कक्षा के छात्र हैं। इनमें से एक बच्चा सक्ति क्षेत्र में पदस्थ पुलिस ASI का बेटा बताया जा रहा है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए चांपा एसडीएम पवन कोसम भी अपनी टीम के साथ रात में ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चे नदी में उतरे थे या नहीं,लेकिन कपड़े और चप्पल मिलने से यह संभावना नकारा नहीं जा सकता। इसलिए रातभर और सुबह फिर से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एसडीएम कोसम ने बताया कि बचाव कार्य को आसान बनाने के लिए हसदेव नदी का बहाव नियंत्रित/कम कराया गया है, ताकि गोताखोरों को नीचे तक पहुंचने में आसानी हो सके।

चांपा पुलिस, नगर सेना, स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ ग्रामीण भी खोजबीन में जुटे हुए हैं। बच्चों के परिजनों की स्थिति बेहद दयनीय है और वे मौके पर ही रोते-बिलखते किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए हुए हैं।प्रशासन ने कहा है कि बच्चों का पता लगाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है और रेस्क्यू अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं होती।

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