जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ अकलतरा विकासखंड के ग्राम सांकर में एक किसान ने धान बेचने में आ रही लगातार दिक्कतों से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया। किसान ने फिनाइल पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन समय रहते परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुँचा दिया, जिससे उनकी जान बच गई।
वीडियो बनाकर साझा किया दर्द
आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसान अनुराग सिंह ठाकुर ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इस वीडियो में उन्होंने प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और उपार्जन केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान ने स्पष्ट किया कि धान बेचने के लिए उन्हें जिस तरह की मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है, उसके कारण वह यह कदम उठा रहे हैं।
पिछली बार का कड़वा अनुभव और आर्थिक मार
अनुराग सिंह ठाकुर क्षेत्र के बड़े किसानों में शुमार हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से व्यवस्था की खामियों का दंश झेल रहे हैं। पिछले वर्ष भी वे उपार्जन केंद्र में अपना धान नहीं बेच पाए थे। सरकारी दर पर धान न बिक पाने के कारण उन्हें मजबूरी में दलालों को औने-पौने दाम पर फसल बेचनी पड़ी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। इस साल भी धान बेचने की प्रक्रिया में आ रही अड़चनों ने उन्हें इस हद तक हताश कर दिया कि उन्होंने अपनी जान देने का फैसला कर लिया।
स्थिति अब नियंत्रण में
परिजनों की सतर्कता के कारण उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर उपचार मिलने के कारण किसान की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।
इस घटना के बाद एक बार फिर उपार्जन केंद्रों पर किसानों को होने वाली समस्याओं और प्रशासनिक तंत्र की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय किसान संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित किसान को न्याय दिलाने की मांग की है।








