रायपुर। लोक निर्माण विभाग (PWD) में भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों पर राज्य शासन ने जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) नीति के तहत कार्रवाई करते हुए संभाग सुकमा के कार्यपालन अभियंता हरनारायण पात्र और दो अनुविभागीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन की यह कार्रवाई बीजापुर के नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के संबंध में गंगालूर थाना में दर्ज प्रकरण की विवेचना के दौरान संलिप्तता पाए जाने पर की गई। निलंबित अधिकारियों में प्रमोद सिंह तंवर (उपसंभाग क्रमांक-1 बीजापुर) और संतोष दास (सेतु उपसंभाग जगदलपुर) शामिल हैं।
इस आदेश को उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद मंत्रालय द्वारा जारी किया गया। निलंबन अवधि में सभी अधिकारियों का मुख्यालय मुख्य अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है और इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कोई छूट नहीं दी जाएगी।










