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CG NEWS- खाद वितरण के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य, 2026-27 खरीफ सीजन से लागू होगी नई व्यवस्था

रायपुर। किसानों तक खाद वितरण को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब सहकारी समितियों से यूरिया समेत अन्य खाद लेने के लिए किसानों के पास फार्मर आईडी होना अनिवार्य होगा। यह नई व्यवस्था 2026-27 के खरीफ सीजन से लागू की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य सही किसानों तक सही मात्रा में खाद पहुंचाना है, ताकि अनियमित वितरण और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। इसके तहत खाद वितरण पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से किया जाएगा, जिसमें किसानों को उनकी जमीन और फसल के आधार पर तय मात्रा में ही खाद मिलेगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, उन्हें न केवल यूरिया और डीएपी प्राप्त करने में परेशानी होगी, बल्कि कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बीज व कीटनाशक पर सब्सिडी, कृषि यंत्रों पर अनुदान, सहकारी समितियों से खाद वितरण और सरकारी खरीद केंद्रों पर फसल बेचने की सुविधा शामिल हैं।

फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को आधार कार्ड, जमीन से संबंधित दस्तावेज, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य में अब तक 40 लाख 8 हजार 908 किसानों में से 31 लाख 68 हजार 555 किसानों का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है, जो कुल किसानों का 79.22 प्रतिशत है।

सरकार को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से खाद वितरण में पारदर्शिता आएगी और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगी।

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