रायपुर। राजधानी में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रस्तावित रिंग रोड सर्विस लेन चौड़ीकरण परियोजना फिलहाल लागत बढ़ने के कारण अटक गई है। यह परियोजना सरोना से लाभांडी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर प्रस्तावित है।
जानकारी के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को स्वीकृति दी गई थी, लेकिन अब लागत बढ़कर लगभग 150 करोड़ रुपये हो गई है।
लागत बढ़ने का मुख्य कारण सर्विस लेन में लगे बिजली खंभों की शिफ्टिंग बताया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) ने खंभों को हटाने और स्थानांतरित करने के लिए करीब 50 करोड़ रुपये की मांग की है, जिसके चलते अतिरिक्त बजट की आवश्यकता पड़ गई है।
परियोजना के तहत सरोना से लाभांडी तक 14.25 किलोमीटर लंबे हिस्से में सर्विस लेन को 10-10 मीटर तक चौड़ा किया जाना है। इससे स्थानीय यातायात को मुख्य मार्ग से अलग किया जाएगा और ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है।
बिजली खंभों की मौजूदगी को देखते हुए फिलहाल निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। एनएचएआई ने संशोधित प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है और अतिरिक्त बजट स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही मंजूरी मिलती है, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य को प्राथमिकता से शुरू किया जाएगा।
परियोजना पूरी होने पर लाभांडी, तेलीबांधा, पचपेड़ी नाका, संतोषी नगर, भाठागांव बस स्टैंड और सरोना क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और आवागमन सुगम हो सकेगा।










