रायपुर। देश में आगामी जनगणना को लेकर इस बार एक बड़ा डिजिटल बदलाव किया गया है। पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा दी जा रही है, जिसके तहत लोग स्वयं अपने घर और परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल तक चलेगी।
जनगणना विभाग के अनुसार, नागरिक जनगणना के विशेष पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद परिवार से जुड़ी जानकारी जैसे सदस्यों की संख्या, आयु, शिक्षा, व्यवसाय और घर की सुविधाओं से संबंधित विवरण भरना होगा। जानकारी सफलतापूर्वक दर्ज होने के बाद एक Self Enumeration ID जारी की जाएगी, जिसे बाद में घर-घर सर्वे के दौरान आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और पहली बार डेटा मोबाइल और ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से एकत्र किया जाएगा। इससे डेटा संग्रहण अधिक पारदर्शी और सटीक होने की उम्मीद है।
जनगणना के लिए दो चरण निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण में 1 से 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान मकान की संरचना, उपयोग और उपलब्ध सुविधाओं जैसे पानी, बिजली, शौचालय, रसोई गैस और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विवरण दर्ज किया जाएगा।
दूसरे चरण में परिवार से जुड़ी सामाजिक और आर्थिक जानकारी एकत्र की जाएगी, जिसमें शिक्षा, रोजगार और परिवार संरचना से संबंधित विवरण शामिल होंगे।
इस पूरे अभियान के लिए लगभग 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्व-गणना प्रक्रिया वैकल्पिक (optional) है, लेकिन इससे सर्वेक्षण की प्रक्रिया अधिक सरल और तेज हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल जनगणना से देश की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।










