रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उस वक्त राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब रायपुर के सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल रविवार को कांग्रेस नेताओं के साथ एक ही मंच पर नजर आए। इस घटनाक्रम के बाद सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
दरअसल, छत्तीसगढ़ संघर्ष परिषद के बैनर तले आयोजित रजत जयंती समारोह एवं प्रादेशिक सम्मेलन में स्वर्गीय विद्याचरण शुक्ल के समर्थक माने जाने वाले कांग्रेस नेता एकजुट हुए थे। इसी कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी मंच पर बैठे दिखाई दिए।
अपने संबोधन के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “कहीं मैं कांग्रेस के मंच पर तो नहीं आ गया हूं?” हालांकि उन्होंने तुरंत बात संभालते हुए स्पष्ट किया कि उनके सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अच्छे संबंध हैं। कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने दो टूक कहा कि, “मैं जहां हूं वहीं रहूंगा, मरते दम तक वहीं रहूंगा। किसी को कुछ सोचने की जरूरत नहीं है।”
कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सभी नेता वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय विद्याचरण शुक्ल को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मंच पर जुटे थे। बृजमोहन अग्रवाल के साथ मंच साझा करने को लेकर महंत ने कहा कि उनके कांग्रेस से अच्छे संबंध हैं और वे कांग्रेस व भाजपा दोनों के काम आते हैं।
कांग्रेस में शामिल होने की संभावना पर पूछे गए सवाल पर चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस की मदद करने के लिए बृजमोहन अग्रवाल का पार्टी में आना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा, “भाजपा में रहते हुए भी वे हमारी मदद करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।” साथ ही राजनीति को शतरंज की बिसात बताते हुए महंत ने कहा कि एक कुशल खिलाड़ी जानता है कि कहां चाल चलनी है और कहां सहयोग लेना है।









