रायपुर: राजधानी के पॉश इलाके विधायक कॉलोनी में हुए विंग कमांडर विपुल यादव सुसाइड केस में पुलिस ने अब कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने विंग कमांडर की पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मामला दर्ज किया है। जांच में पत्नी पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप पाए गए हैं।
क्या था मामला?
मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले 39 वर्षीय विंग कमांडर विपुल यादव रायपुर में तैनात थे। 10-11 मार्च 2026 की दरम्यानी रात उन्होंने विधायक विश्राम गृह परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर जान दे दी थी। शुरुआती मर्ग जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी ही बताई गई थी।
12 साल का रिश्ता और प्रताड़ना के आरोप
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि विपुल और अर्जिता ने साल 2014 में प्रेम विवाह किया था। हालांकि, शादी के कुछ समय बाद से ही उनके बीच अनबन शुरू हो गई थी। मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि अर्जिता अक्सर विपुल का अपमान करती थी और उन्हें प्रताड़ित करती थी, जिससे वे काफी तनाव में रहते थे। परिजनों ने पुलिस को एक सीडी और अन्य साक्ष्य सौंपे हैं, जिसमें पत्नी द्वारा मारपीट और अभद्र व्यवहार के प्रमाण मिले हैं।
50 लाख की मांग और संपत्ति का विवाद
परिजनों का आरोप है कि अर्जिता, बेंगलुरु में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए विपुल पर लगातार दबाव बना रही थी। इसके लिए विपुल से करीब 50 लाख रुपये भी लिए गए थे। पैसों की मांग और लगातार बढ़ते दबाव ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था।
आखिरी वक्त में नहीं उठाया फोन
कॉल डिटेल्स की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आत्महत्या करने से ठीक पहले विपुल ने अपनी पत्नी को कई बार कॉल किया था, लेकिन अर्जिता ने एक भी फोन रिसीव नहीं किया। पुलिस का मानना है कि संकट के समय पत्नी के इस व्यवहार ने विपुल की मानसिक स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई
तेलीबांधा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।










