रायपुर। विष्णुदेव साय ने ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में केवल अत्यावश्यक वाहनों को शामिल करने का निर्णय लिया है। साथ ही राज्य सरकार ने शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की दिशा में भी पहल शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच ईंधन संरक्षण राष्ट्रहित में बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल जैसे संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का समय आ गया है और यही संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देशवासियों को दे रहे हैं।
काफिले में केवल जरूरी वाहन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब उनके आधिकारिक दौरों के दौरान केवल बेहद आवश्यक वाहन ही काफिले का हिस्सा होंगे। अनावश्यक वाहनों को हटाकर ईंधन की खपत कम करने की कोशिश की जाएगी। इसे प्रशासनिक सादगी और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के मंत्रियों, निगम-मंडलों के पदाधिकारियों और अधिकारियों से भी सरकारी वाहनों एवं अन्य संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि वाहन उपयोग में अनुशासन अपनाकर सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत दोनों में योगदान दे सकती है।
सरकारी वाहन होंगे इलेक्ट्रिक
राज्य सरकार अब शासकीय वाहनों को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) में बदलने की दिशा में ठोस कार्रवाई कर रही है। आने वाले समय में सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाएगा। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ प्रदूषण में कमी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
जनता से भी की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने और अनावश्यक निजी वाहन उपयोग से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं और यह राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ईंधन संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हर नागरिक का छोटा प्रयास भी देश के लिए बड़ी ताकत बन सकता है।










