सुकमा। आंध्र प्रदेश के जंगलों में तीन दिन पहले हुई मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात माओवादी कमांडर हिड़मा और उसकी पत्नी मदी राजे के शव आज सुबह उनके गृह ग्राम पूर्वर्ती (सुकमा जिला) लाए गए। दोनों के शवों को देखते ही परिजनों का बुरा हाल हो गया और गांव में मातम छा गया।
गुरुवार सुबह करीब 9 बजे हिड़मा व राजे के पार्थिव शरीर को भारी सुरक्षा घेरे में रम्पा सोदावरम से पूर्वर्ती लाया गया। शवों को घर के आंगन में रखते ही महिलाएं जोर-जोर से रोने लगीं। कुछ देर बाद आदिवासी रीति-रिवाज से दोनों का अंतिम संस्कार मरघट में किया जाएगा।
हिड़मा पर छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार ने मिलाकर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित किया था, जबकि उसकी पत्नी मदी राजे पर 50 लाख रुपए का इनाम था। हिड़मा पिछले 27 साल से माओवादी संगठन में सक्रिय था और उसके नेतृत्व में 26 से ज्यादा बड़ी वारदातें हुईं, जिनमें सैकड़ों निर्दोष ग्रामीणों और सुरक्षा बल के जवानों की जान गई थी।
पूरे गांव को इस समय सीआरपीएफ और डीआरजी के जवानों ने चारों तरफ से घेर रखा है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
बस्तर में हिड़मा के मारे जाने को माओवादी संगठन पर सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इसके साथ ही बस्तर से माओवाद के पूरी तरह खत्म होने की दहलीज पर पहुंच गया है।










