रायगढ़। गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला खनन परियोजना को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। जिंदल पावर लिमिटेड ने इस परियोजना के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई का आवेदन औपचारिक रूप से वापस ले लिया है। यह कदम जिले में हाल ही में बढ़ते विरोध-प्रदर्शन, हिंसक घटनाओं और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उठाया गया है।
8 दिसंबर को आयोजित जनसुनवाई के दौरान और उसके बाद स्थानीय ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों ने परियोजना का विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोयला खनन से पर्यावरण, जल स्रोतों और उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा।
जनसुनवाई के कुछ दिनों बाद, 12 दिसंबर से प्रभावित गांवों में लगातार धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे तेज हो गया। 27 दिसंबर को यह आंदोलन हिंसक रूप ले गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कंपनी कर्मचारियों को चोटें आईं और कोल हैंडलिंग प्लांट में आगजनी की घटना भी हुई, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ।
बढ़ते तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए 28 दिसंबर को रायगढ़ कलेक्टर ने जनसुनवाई निरस्त करने का पत्र जारी किया। जिंदल पावर लिमिटेड ने कहा कि जब तक स्थानीय ग्रामीणों का समर्थन नहीं मिलता, तब तक परियोजना को लेकर कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र में शांति और आपसी सहमति को प्राथमिकता देती है।
भविष्य में यदि माहौल अनुकूल रहता है और ग्रामीणों के साथ सहमति बनती है, तो कंपनी दोबारा जनसुनवाई के लिए आवेदन कर सकती है। फिलहाल, जनसुनवाई का आवेदन वापस लेने का फैसला स्थानीय प्रशासन और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में परियोजना की दिशा तय करेगा।










