Ayatollah Khamenei funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में अगले महीने की चार-पांच तारीख को होंगी. इसके लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पीएम मोदी को आमंत्रित किया था. अब सूत्रों की मुताबिक खबर है कि भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होंगे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चार और पांच जुलाई को तेहरान में दो बड़े कार्यक्रम होंगे.
अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हुई थी. अमेरिकी-इजराइली हमले में वो मारे गए थे. खामेनेई के साथ-साथ और भी कई नेताओं की मौत हुई थी, जिनमें उनकी पत्नी भी शामिल थीं. अब करीब चार महीने बाद उनका अंतिम संस्कार होगा. जुलाई की शुरुआत में तेहरान में उनके अंतिम संस्कार से जुड़ीं कई रस्में आयोजित की जाएंगी. यह कार्यक्रम करीब 3-4 दिन का होगा. ईरान ने इसमें शामिल होने के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजा था. मगर वो इसमें शामिल नहीं होंगे. बिहार के राज्यपाल अता हसनैन और पवित्र मार्गेरिटा के जाने की खबर है.
करीब चार महीने बाद होगा खामेनई का अंतिम संस्कार
खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत 4 जुलाई को तेहरान के ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में शव को अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने के साथ होगी. इसके बाद तेहरान और कोम शहरों में सार्वजनिक जुलूस निकाले जाएंगे. नजफ और कर्बला में उनके लिए दुआएं पढ़ी जाएंगी. 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद खामेनेई ने ईरान की कमान संभाली थी.
बता दें कि पहले अली खामेनेई का अंतिम संस्कार मार्च में होना था. हालांकि, बाद में इसे टाल दिया गया था क्योंकि ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल की लड़ाई लंबी खिंच गई थी. 86 साल के खामेनेई फरवरी में अपने परिसर में बैठक कर रहे थे. तभी अमेरिका और इजराइल ने बमबारी कर दी. इस हमले में वो मारे गए. तब से अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी थी.







