उत्तर प्रदेश के चर्चित उन्नाव रेप केस में कुछ ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जो पूरे घटनाक्रम पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। एक कथित ऑडियो सामने आया है (जिसकी सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है), जिसमें एक व्यक्ति खुद को पीड़िता का ‘चाचा’ बता रहा है। ऑडियो में वह लड़की को निर्देश दे रहा है कि वह अपने प्राइवेट पार्ट पर खरोंच के निशान बना ले ताकि मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हो सके।
ऑडियो की बड़ी बातें:
लड़की- हेलो
चाचा- हां
लड़की- वो कह रहे हैं कि डॉक्टरी करवा लो, तब रिपोर्ट लो आकर
चाचा- क्यों? रिपोर्ट नहीं लिखी क्या अभी?
लड़की- नहीं, अभी नहीं लिखी, अभी टाइम लग रहा है
चाचा-क्या टाइम लग रहा है? तुम तो कह रही थी टाइप कर रहे हैं कंप्यूटर में
लड़की- हां, कंप्यूटर में टाइप ही कर रहे हैं, उसी में टाइम लग रहा है
चाचा- अरे पहले FIR करा लो, एकदम गाड़ी मंगा रखी है, चाचा मेरे गाड़ी भेज रहे हैं, तब तक FIR लिखो आप
लड़की- गाड़ी तो यहां भी मंगा ली
चाचा- कौन?
लड़की- हां
चाचा- किसने गाड़ी मंगाई है?
लड़की- टेंपो आई है
चाचा-टेंपो-वेंपो से नहीं जाएंगे, हमारी गाड़ी आ जाएगी खुद की
लड़की- उतर जाओ, गाड़ी हमारी खुद की आ रही है. हमारी गाड़ी खुद की आ रही है. उतर जाओ, उतर जाओ. टेंपो से नहीं जाएंगे, गाड़ी खुद की आ रही है. उतर जाओ.
लड़की- ठीक है.
चाचा- हैलो.
लड़की- हां.
चाचा- कौन है तुम्हारे आसपास?
लड़की- हमारे आसपास तो अम्मा हैं बस.
चाचा- अच्छा, जो आप लोगों के जो अंदरूनी पार्ट्स होते हैं ना, चाहे तुम्हारे हों, चाहे उनके हों, चाहे उनके हों, किसी ना किसी तरीके से खरोंच मार लो.
लड़की- ठीक, ठीक.
चाचा- ठीक है? और फिर वहां जाना, बिटिया छोटी वाली लड़कियां सब वही बताएंगी- हमारे यहां हाथ मारा, हमारे यहां हाथ मारा, हमारे यहां हाथ मारा.
लड़की- हां, हां.
चाचा- ठीक है? ये डॉक्टरी करवानी है और यही बयान, एक ही बयान देने हैं सारे लोगों को.
लड़की- ठीक, ठीक
चाचा- ठीक है?
लड़की- हां, और तुम्हारी गाड़ी कितने समय आएगी?
चाचा- गाड़ी, एक काम करो तुम टेंपो में बैठो, उन्नाव पहुंचो उन्नाव, फोन मिलाओ हमको.
लड़की- ठीक है, बस बात आ गई, अब आओ.
चाचा- हां, बैठो उन्नाव पहुंचो, उन्नाव पहुंचो कोई बात नहीं. अस्पताल पहुंच कर फोन मिलाना हमको पहले.
लड़की: ठीक है.
चाचा- हां, मैं भेज रहा हूं वहां आदमी, वहां आदमी भेज रहा हूं.
पीड़ित- ठीक है.
कानूनी स्थिति: जेल से बेल और अब सुप्रीम कोर्ट
यह मामला साल 2017 का है, जिसमें कुलदीप सिंह सेंगर पिछले साढ़े सात साल से उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। सीबीआई ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। इस मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 20 जनवरी 2026 के बाद होनी तय है।
अदालत करेगी अंतिम फैसला
भले ही यह ऑडियो सनसनी पैदा कर रहा है, लेकिन इसकी प्रामाणिकता और कानूनी महत्ता का फैसला अदालत ही करेगी। यदि यह ऑडियो सही पाया जाता है, तो यह बचाव पक्ष (Defense) के लिए एक बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
अगला कदम: क्या आप इस ऑडियो के आधार पर कुलदीप सिंह सेंगर के वकीलों की दलीलों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाना चाहेंगे?










