छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में सोमवार दोपहर हुए भीषण हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने से हुए जोरदार विस्फोट में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 34 से अधिक कर्मचारी घायल हुए हैं। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया।
हादसा कैसे हुआ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 2 बजे प्लांट में सामान्य रूप से कामकाज चल रहा था। इसी दौरान अचानक बॉयलर की ट्यूब फट गई और तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि कुछ लोग मौके पर ही दम तोड़ बैठे।
राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा। घायलों को तत्काल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन और कंपनी प्रबंधन द्वारा युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया गया। घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दमकल और चिकित्सा टीमों को तैनात किया गया।
मृतकों और घायलों का आंकड़ा
अब तक मिली जानकारी के अनुसार:
- रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में 5 शव
- जिला अस्पताल में 5 शव
- वेदांता प्लांट परिसर से 4 शव
- रायपुर के कालड़ा अस्पताल में 2 लोगों की मौत
कुल मिलाकर 16 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 34 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 18 का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। कई घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मुआवजा और सहायता
हादसे के बाद कंपनी और प्रशासन ने पीड़ितों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है।
- मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी
- घायलों को 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता
जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने इन घोषणाओं की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से:
- मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये
- घायलों को 50 हजार रुपये
की सहायता देने की घोषणा की।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए:
- मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये
- घायलों को 50 हजार रुपये
की सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का निःशुल्क और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।
जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कमिश्नर को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रही है।
निष्कर्ष
यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ओर जहां राहत और मुआवजे की घोषणाएं की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा मानकों और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।










